Sunday, March 28, 2010

नमन

सीमा की
आन -बाण और शान
के लिए जो ,
आत्माहुति दे गए ,
उन ,
अमर शहीदों को
शत -शत नमन
जो ,
कर्तव्य की पूर्णता के लिए
प्राणाहुति दे गए
उन ,
दिव्यात्माओं को
कोटिश :
नमन |

विद्या शर्मा ..

2 comments:

Amitraghat said...

बढ़िया है....."

संजय भास्कर said...

बहुत ही भावपूर्ण निशब्द कर देने वाली रचना . गहरे भाव.